Home BOLLYWOOD सुशांत केस: रिया चक्रवर्ती को कड़ी शर्तों के साथ मिली बेल, कोर्ट...

सुशांत केस: रिया चक्रवर्ती को कड़ी शर्तों के साथ मिली बेल, कोर्ट ने कहा- वह ड्रग डीलर नहीं | mumbai – News in Hindi


मुंबई. एक्टर सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस (Sushant Singh Rajput Suicide Case) में ड्रग्स से संबंधित आरोप में अरेस्ट एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती (Rhea Chakraborty) को बॉम्बे हाईकोर्ट (Bombay High Court) ने बुधवार को कड़ी शर्तों के साथ जमानत दे दी. वह जेल से रिहा हो गई हैं. जमानत देते हुए अदालत ने कहा कि जैसा एनसीबी (NCB) ने आरोप लगाया था, रिया किसी ड्रग माफिया का हिस्सा नहीं हैं.

अदालत ने एनसीबी की उस दलील को भी खारिज कर दिया कि प्रसिद्ध लोगों या लोकप्रिय हस्तियों के साथ कठोर बर्ताव होना चाहिए ताकि उदाहरण पेश किया जा सके. अदालत ने कहा कि कानून के समक्ष सभी बराबर हैं. अदालत ने कहा, ‘वह ड्रग डीलर्स का हिस्सा नहीं हैं. उसने कथित रूप से अपने खरीदे हुए ड्रग्स को धन या किसी अन्य लाभ के लिए किसी और को नहीं दिया.’ अदालत ने यह भी कहा कि रिया या राजपूत के आवासों से कोई ड्रग्स बरामद नहीं हुआ है.

रिया ने ड्रग्स की व्यावसायिक मात्रा को लेकर कोई अपराध नहीं किया
पीठ ने कहा, ‘यह उनका (एनसीबी) का अपना विचार है कि चूंकि ड्रग्स का सेवन कर लिया गया था, इसलिए कोई बरामदगी नहीं हुई है. ऐसे में, फिलहाल इस मामले में यह साबित करने के लिए कोई साक्ष्य नहीं है कि आवेदक (रिया) ने ड्रग्स की व्यावसायिक मात्रा को लेकर कोई अपराध किया है.’

जमानत की शर्तों के तहत एक्ट्रेस को 10 दिन तक मुंबई पुलिस के समक्ष और अगले छह महीने के दौरान हर माह में एक दिन नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के समक्ष हाजिरी देनी होगी. हाईकोर्ट ने एक लाख रुपये का निजी मुचलका जमा कराने और सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करने की भी हिदायत दी.

रिया करीब 28 दिन जेल में रहने के बाद रिहा हो गई. शाम करीब साढ़े पांच बजे वह पुलिस बल की मौजूदगी में बायकुला महिला जेल से बाहर निकलीं. न्यायमूर्ति सारंग कोतवाल की पीठ ने राजपूत के सहयोगी दीपेश सावंत और सैमुअल मिरांडा को भी जमानत दे दी, लेकिन रिया के भाई एवं मामले में आरोपी शोविक चक्रवर्ती की जमानत याचिका खारिज कर दी.

बासित परिहार की याचिका भी खारिज

अदालत ने कथित ड्रग्स तस्कर अब्देल बासित परिहार की याचिका भी खारिज कर दी. एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मौत से संबंधित ड्रग्स मामले की जांच के सिलसिले में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने रिया और उनके भाई को पिछले महीने गिरफ्तार किया था.

अदालत ने कहा कि रिया चक्रवर्ती को अवैध ड्रग्स की तस्करी के लिए वित्तपोषित या शरण देने वाला नहीं कहा जा सकता है, जैसा केंद्रीय एजेंसी ने आरोप लगाया है. अदालत ने यह भी कहा कि उनका आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और इस बात की संभावना नहीं है कि जमानत पर बाहर रहने के दौरान वह जांच को प्रभावित कर सकती हैं या सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकती हैं.

इन शर्तों के साथ दी गई जमानत
बहरहाल हाईकोर्ट ने कहा कि वह उनकी जमानत पर ‘पर्याप्त सख्त शर्तें’ लगा रहे हैं. अदालत ने उन्हें सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करने या एनसीबी की जांच में दखल नहीं देने का निर्देश दिया है. साथ में यह निर्देश दिया कि वह न्यायिक हिरासत से रिहा होने के बाद शुरुआती 10 दिन के दौरान रोजाना निकटतम थाने में सुबह (पूर्वाह्न) 11 बजे हाजिरी देंगी.

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि वह अगले छह महीने के दौरान हर माह के पहले दिन एनसीबी के समक्ष पेश हों. रिया एनसीबी की अनुमति के बिना मुंबई से बाहर नहीं जा सकती हैं और अगर उन्हें शहर से बाहर जाने की इजाजत मिलती है तो उन्हें अपनी यात्रा का ब्यौरा एजेंसी को देना होगा.

हाईकोर्ट ने कहा कि विशेष एनडीपीएस न्यायाधीश की अनुमति से ही वह देश से बाहर जाएंगी. एनसीबी ने रिया को ड्रग्स निरोधक एनडीपीएस कानून की सख्त धारा 27-ए के तहत आरोपी बनाया था. यह धारा ड्रग्स की तस्करी के लिए वित्त पोषण करना और शरण देने से संबंधित है. इस धारा के तहत 10 साल तक की सजा का प्रावधान है और जमानत देने पर भी यह धारा रोक लगाती है.

हाईकोर्ट ने कहा कि किसी खास ड्रग्स के लिए भुगतान करना (अवैध ड्रग्स के तस्करी को) वित्तपोषित करने करने के दायरे में नहीं आएगा, जैसा अधिनियम के तहत वर्णित है. अदालत ने कहा, ‘आवेदक के खिलाफ आरोप है कि उसने सुशांत सिंह राजपूत के लिए ड्रग्स खरीदने के लिए पैसा खर्च किया जिसका मतलब यह नहीं होगा कि उन्होंने अवैध तस्करी को वित्त पोषित किया.’

लागू नहीं होता शरण देने का आरोप
हाईकोर्ट ने रेखांकित किया कि अधिनियम के तहत एक अपराधी को शरण देने का अर्थ उस व्यक्ति को आश्रय और खाना देने के दौरान ड्रग्स के सेवन के लिए पैसा मुहैया कराना होता है. उसने कहा कि बहरहाल, राजपूत को अपनी गिरफ्तारी की कोई आशंका नहीं थी. लिहाजा मौजूदा मामले में शरण देने का आरोप लागू नहीं होता है.

अदालत ने रिया की जमानत खारिज कर समाज को कड़ा संदेश देने की एनसीबी की दलील को भी खारिज कर दिया. अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह के जरिए एनसीबी ने कहा था कि समाज, खासकर युवाओं को यह कड़ा संदेश देने की जरूरत है ताकि वे ड्रग्स का सेवन न करें.

न्यायमूर्ति कोतवाल ने कहा, ‘एसएसजी ने दलील दी थी कि हस्तियों और प्ररेणास्रोतों के साथ सख्त बर्ताव करना चाहिए ताकि युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल कायम हो और उन्हें ऐसे अपराध करने को बढ़ावा न मिले. मैं इससे सहमत नहीं हूं.’

कानून के सामने सब समान हैं
उन्होंने कहा, ‘कानून के सामने सब समान हैं. किसी भी हस्ती या प्ररेणास्रोत को अदालत में कोई विशेषाधिकार नहीं मिलते हैं.’ न्यायाधीश ने कहा, ‘अदालत के समक्ष पेश होने पर उनकी विशेष जवाबदेही भी नहीं होती है.’

उन्होंने कहा, ‘हर मामले का फैसला उसके गुण दोष के आधार पर होगा, भले ही आरोपी का दर्जा जो भी हो.’ बहरहाल, हाईकोर्ट ने रिया के भाई शोविक की जमानत याचिका खारिज कर दी और कहा कि वह ‘एक श्रृंखला का हिस्सा लगता है’ और उसका मामला, उपभोक्ता या अंतिम खरीदार से अलग होगा.

ड्रग्स के अवैध व्यापार में शामिल था शोविक चक्रवर्ती
अदालत ने अपने आदेश में कहा, ‘आवेदक (शोविक) सुशांत सिंह राजपूत को ड्रग्स देने के वास्ते एक पार्टी से उनकी खरीद में मदद कर रहे थे. वह स्पष्ट रूप से अवैध तस्करी या ड्रग्स के अवैध व्यापार में शामिल था.’

अदालत ने कहा कि इस मामले में जांच शुरुआती चरण में हैं. अदालत ने कहा, आवेदक ड्रग्स कारोबारियों की श्रृंखला में एक अहम संपर्क प्रतीत होता है. वह अलग अलग डीलरों के संपर्क में था. उन्होंने उनके साथ पैसे का लेन-देन किया था.

न्यायमूर्ति कोतवाल ने शोविक के वकील सतीश मानशिंदे की इस दलील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया कि एनसीबी को मामले की जांच करने का कोई अधिकार नहीं है क्योंकि मामला राजपूत की मौत से जुड़ा है और छानबीन केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा की जानी चाहिए.

न्यायमूर्ति कोतवाल ने मामले में जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए एनडीपीएस अधिनियम के कुछ पहलुओं पर भी बात की. उन्होंने कहा अधिनियम की विस्तृत व्याख्या और सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसलों से पता चलता है कि इस अधिनियम में सभी अपराध गैर जमानती हैं. उन्होंने कहा कि जिस मामले में भले ही ड्रग्स की वाणिज्य मात्रा शामिल न हो, उसमें अभियोजन एजेंसी धारा 27-ए लागू नहीं कर सकती है.

सैमुअल मिरांडा और दीपेश सावंत को भी मिली जमानत
राजपूत के सहयोगियों, सैमुअल मिरांडा और दीपेश सावंत को जमानत देते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि उन्होंने राजपूत या रिया के कहने पर ड्रग्स को सिर्फ प्राप्त किया. रिया के वकील सतीश मानशिंदे ने कहा कि वह फैसले से खुश हैं. उन्होंने कहा, ‘सत्य और न्याय की जीत हुई है और अंततः तथ्यों और कानूनी प्रस्तुतियों को न्यायमूर्ति सारंग वी कोतवाल द्वारा स्वीकार किया गया.’ मानशिंदे ने कहा कि रिया की गिरफ्तारी और हिरासत पूर्णतः अवांछित और कानून की पहुंच से बाहर थी.

उन्होंने कहा कि सीबीआई, ईडी और एनसीबी द्वारा रिया को निशाना बनाना रुकना चाहिए. राजपूत (34) 14 जून को अपने बांद्रा स्थित फ्लैट में फंदे से लटके मिले थे.

इस बीच मुंबई पुलिस ने मीडिया कर्मियों से कहा कि वे रिया या जो भी जेल से रिहा हो रहा है उसका पीछा नहीं करें या उसकी गाड़ी को रोकें नहीं. एक अधिकारी ने कहा, ‘यह उस व्यक्ति की खुद की सुरक्षा, जिसका वह पीछा कर रहा है, उसकी और सड़क पर गाड़ी चला रहे अन्य लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा है.’ पुलिस उपायुक्त (जोन-1) संग्राम सिंह निशानदार ने पत्रकारों से कहा कि उन लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी जो अपने चालकों को ऐसा करने के लिए कहेंगे. रिया यहां बायकुला महिला जेल में बंद थी.





Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

Talking Point With Bhawana Somaaya, film fraternity in ‘Action’ Again | फिर ‘एक्शन’ में फिल्म बिरादरी

20 मिनट पहलेकॉपी लिंकपिछले कई दिनों से लोगों के दिलों-दिमाग पर निराशा छाई हुई थी, लेकिन अब लगता है धीरे-धीरे मूड बदल रहा...

kangana ranaut said – CM is misusing power, he should be ashamed; They do not deserve this chair, will have to leave the post...

Hindi NewsLocalMaharashtraKangana Ranaut Said CM Is Misusing Power, He Should Be Ashamed; They Do Not Deserve This Chair, Will Have To Leave The...

Who is prateeka chauhan: know all about the actress arrested by NCB in drugs case | कई पौराणिक टीवी शो में देवी का किरदार...

एक घंटा पहलेकॉपी लिंकसुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद सामने आए ड्रग एंगल की आंच पर टेलीविजन की दुनिया तक जा पहुंची...

Amitabh Bachchan shared a moment of extreme pride as Poland names a square after his father’s name | पोलैंड में बाबूजी के नाम पर...

एक घंटा पहलेकॉपी लिंकमहानायक अमिताभ बच्चन के पिता और कवि डॉ. हरिवंशराय बच्चन के नाम पर पोलैंड के व्रोकला शहर में एक चौराहे...

Recent Comments